रिपोर्ट: प्रदीप कुमार पाण्डेय
मुहम्मदाबाद यूसुफपुर (गाजीपुर)।
भीषण गर्मी और उमस के बीच मुहम्मदाबाद यूसुफपुर के लोगों की परेशानियां दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। विद्युत वितरण उपखंड द्वितीय की लापरवाही ने नगरवासियों की नींद और चैन दोनों छीन लिए हैं। इलाके की अनियमित और बार-बार बाधित होने वाली बिजली आपूर्ति ने नागरिकों को गहरे संकट में डाल दिया है।
नगर के कई मोहल्लों में बिजली कटौती अब एक दिनचर्या बन चुकी है। भट्टी मोहल्ला, सदर चौक, तहसील क्षेत्र और शैव टोला जैसे इलाकों में बिजली की आंख मिचौली ने लोगों का जीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह करीब 3 बजे बिजली पूरी तरह गुल हो जाती है और फिर लगभग पांच घंटे बाद कुछ समय के लिए लौटती है। पर यह राहत भी टिकती नहीं – महज़ 15-30 मिनट में फिर से आपूर्ति बाधित हो जाती है।
शाम को भी स्थिति बेहतर नहीं रहती। थोड़े-थोड़े समय के लिए बिजली आती और जाती रहती है, जिससे न तो आराम मिल पाता है और न ही कोई काम ठीक से हो पाता है। रात्रि 10 बजे के बाद बिजली का हर 10-20 मिनट में गुल होना आम बात हो गई है, जिससे नागरिकों की नींद और स्वास्थ्य दोनों पर बुरा असर पड़ रहा है।
बच्चे, बुजुर्ग और बीमारजन इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। खास बात यह है कि नगर के कुछ हिस्सों – जैसे शाहनिंदा और मुख्य चौक क्षेत्र – में बिजली आपूर्ति लगभग सामान्य बनी हुई है, जिससे बाकी इलाकों के लोगों में असंतोष और बढ़ गया है।
नागरिकों का आरोप है कि विद्युत विभाग के अधिकारी बार-बार शिकायतों के बावजूद लापरवाह बने हुए हैं। समस्या को न केवल नजरअंदाज किया जा रहा है, बल्कि जवाबदेही से भी बचा जा रहा है।
आक्रोशित जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को विवश होंगे।




