गंगा के बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों में दहशत, एसडीएम ने सेमरा घाट का किया निरीक्षण, विद्यालय परिसर में किया पौधारोपण।
रिपोर्ट प्रदीप कुमार पाण्डेय।
मुहम्मदाबाद यूसुफपुर (गाजीपुर)। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। खासकर ग्राम सेमरा, बच्छल का पूरा और शेरपुर जैसे इलाकों में रह रहे लोग इस समय गंगा के रौद्र रूप से बेहद सहमे हुए हैं। नदी का जलस्तर तेज़ी से बढ़ रहा है और कटान की आशंका ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है।
बुधवार को उप जिलाधिकारी हर्षिता तिवारी अपने अधीनस्थ राजस्व और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सेमरा गंगा घाट का दौरा करने पहुंचीं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर गंगा के जलस्तर और उसकी दिशा में हो रहे परिवर्तन का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए और उन्होंने कटान, जलभराव और संभावित खतरे को लेकर उप जिलाधिकारी को स्थिति से अवगत कराया।
एसडीएम हर्षिता तिवारी ने ग्रामीणों की बात को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
निरीक्षण के उपरांत उप जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय सेमरा में आयोजित एक वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। विद्यालय परिसर में उन्होंने स्वयं पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।
गांव के लोगों ने एसडीएम के दौरे और संवेदनशीलता के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रशासन की सक्रियता से उन्हें राहत की उम्मीद मिली है। हालांकि, ग्रामीणों की एक बड़ी चिंता यह है कि अगर गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा, तो जल्द ही बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन की ओर से सतर्कता और लोगों की सजगता ही आने वाले दिनों में इस संकट से निपटने का रास्ता तय करेगी।



